आज के समय में साफ और हेल्दी पानी की मांग दिन-ब-दिन बढ़ रही है। शहरों से लेकर गाँव तक लोग अब शुद्ध और मिनरल युक्त पानी पीने की ओर ध्यान दे रहे हैं। यही कारण है कि मिनरल वाटर बिज़नेस आज के समय में एक बेहतरीन और फायदेमंद बिज़नेस आइडिया बन चुका है। अगर आप भी नया बिज़नेस शुरू करने का सोच रहे हैं, तो मिनरल वाटर प्लांट आपके लिए एक अच्छा विकल्प हो सकता है। आइए विस्तार से समझते हैं की कैसे शुरू कर सकते है यह बिजनेस।
मिनरल वाटर बिजनेस ही क्यों?
आजकल ज्यादातर जगहों पर पानी की क्वालिटी अच्छी नहीं है इसलिए बीमारियों से बचने के लिए लोग मिनरल वाटर लेना पसंद करते हैं। हर छोटे-बड़े इवेंट, शादी, पार्टी, ऑफिस, होटल और रेस्टोरेंट में इसकी भारी डिमांड रहती है। आने वाले सालों में भारत का मिनरल वाटर मार्केट कई अरब रुपये का हो जाएगा। इस बिजनेस में स्कोप बहुत ज्यादा है क्योंकि पानी की प्रोब्लम बहुत जगहों पर होती है। और साफ पानी मिलना बहुत कठीन हो गया है। इसलिए यह एक फ्यूचर प्रुफ बिजनेस हो सकता है।
और भी बेस्ट बिजनेस यहां हैगांव से लेकर शहर तक हर जगह चलनें वाला ऐसा बिजनेस आइडिया जो लाखों रूपए की गारंटी देता है
कैसे शुरू करें मिनरल वाटर बिजनेस?
सबसे पहले आपको यह तय करना होगा कि आप छोटे स्तर पर शुरू करना चाहते हैं या बड़े स्तर पर। अगर आप बड़े स्केल पर कर रहे है तो पानी का सोर्स (बोरवेल/नदी/झरना) नज़दीक होना चाहिए क्योंकि नजदीक में पानी लाना आसान है। आपको बड़े प्रोजेक्ट के लिए ज्यादा पानी की आवश्यकता होगी और दूर से पानी लाना बहुत ज्यादा महंगा पड़ेगा। प्लांट लगाने के लिए कम से कम 1000 से 2000 वर्ग फीट जगह चाहिए। क्योंकि प्लांट में विभिन्न प्रकार की मशीनें चाहिए होगी उन्हें रखने और व्यवस्थित करने के लिए जगह भी ज्यादा चाहिए होगी।
मिनरल वाटर प्लांट की मशीनें और उपकरण
RO Plant (Reverse Osmosis System), UV Sterilization Machine, Ozonization Plant, Water Storage Tank, Bottle Filling Machine, Bottle Blowing Machine (बोतल बनाने के लिए)पैकेजिंग और सीलिंग मशीन इन सब उपकरणों और मशिनो की जरूरत होगी। क्योंकि पानी को फिल्टर करना उसे पैक करना और सप्लाई करने में बहुत सारे उपकरणों की जरूरत होती है।
जरूरी लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन
•BIS Certification (Bureau of Indian Standards) – ISI मार्क लगाने के लिए।
•FSSAI License – खाने-पीने की चीज़ों के लिए ज़रूरी।
•GST Registration – बिज़नेस को लीगल बनाने के लिए।
•Trade License – स्थानीय निकाय से।
•Pollution Control Board NOC – पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए।
निवेश (Investment) कितना लगेगा?
अगर आप छोटे स्तर पर 2000-5000 लीटर प्रति दिन का प्लांट लगाते हैं तो खर्च लगभग 10-15 लाख रुपये तक हो सकता है। और अगर आप मध्यम स्तर (10,000 लीटर प्रति दिन) पर खर्च लगभग 25-40 लाख रुपये तक आ सकता है। और यदि आप बड़े स्तर पर लगाना चाहते है तो यह खर्च 50 लाख से 1 करोड़ रुपये तक जा सकता है।
कमाई (Profit) कितनी होगी?
एक 1 लीटर की बोतल की लागत लगभग ₹6-8 आती है और मार्केट में यह ₹15-20 तक बिकती है। 20 लीटर के कैन की लागत लगभग ₹15-20 आती है और यह मार्केट में ₹40-60 में बिकता है। इस तरह आपको 30%-40% तक का मुनाफा आराम से मिल सकता है।
निष्कर्ष
मिनरल वाटर बिज़नेस एक फ्यूचर-प्रूफ और हाई-प्रॉफिट बिज़नेस है। अगर आप सही प्लानिंग, क्वालिटी और मार्केटिंग स्ट्रेटेजी के साथ इसे शुरू करते हैं तो यह आपके लिए लगातार कमाई का जरिया बन सकता है। खास बात यह है कि यह बिज़नेस सिर्फ शहरों में ही नहीं बल्कि कस्बों और गाँवों में भी सफल हो सकता है।